Upcoming Tech_Fest

Composit 2017 – Technical Fest in IIT Kharagpur from March 10-12, 2017

Techfest names to resonate with its core maker spirit, COMPOSIT asks you – why make it, when you can compose it? That is exactly what this fest is based on – composing your dreams and watching them win. Congress of Metallurgical Professionals involving Students, Industry and Teachers (COMPOSIT) is the annual techfest organized by the Society of Metallurgical Engineers (SME), IIT Kharagpur.

Since the year 1994, COMPOSIT has been fostering interactions and invoking innovations ever since. Since its inception, COMPOSIT has provided an ideal platform for young minds from all over the country to showcase their talent. The largest fest in it’s genre all over India, it is a unique congregation of students, professionals, academicians and eminent personalities sharing the belief that materials will define the next revolution; a path breaking concept to compile and share knowledge and enthusiasm for the development of Science of Materials. Stretch your imagination, Mechanize your thoughts, Tickle your brain, Expand your horizon with national level events such as Technova, Metallomania, Robotics wars, Quizzes, Workshops and Guest Lectures. Eminent personalities from all over India have made an appearance in COMPOSIT. Students from renowned institutions all over India come aboard with us and showcase their talent by presenting their research work, thinking abilities and reasoning aptitude.

COMPOSIT is not just limited to Metallurgy. The fest provides a plethora of events for an engineer to prove their caliber, in their fields of interest. It is a unique learning opportunity for budding engineers, where they get to interact with research and industry professionals. The quality of participation and delegation itself promotes an ambiance for knowledge and exchange of ideas not restricted to metallurgy.An engineer grows in knowledge, skills and experience after attending COMPOSIT. Also, networking with fellow engineers and similar minds from across the country helps in building connections which is a crucial part of a student’s life. Apart from an incredible experience, participants get to take back certificates, goodies and prizes worth lakhs.

Events: Technova Metallomania Robozest Meta Quiz Engi Quiz Biz Quiz Meta Speak Case Study Workshops Guest Lectures Online Events
Website URL: http://composit.in/

Tech-fest Updates…

Exodia is a three day long techno-cum-cultural event with a range of competitions and amazing prizes. WIth events like ‘Band-Slam’ – where the bands collide, to ‘Robo-Wars’ – the battle of Robots, to ‘Fray’ – Mega Gaming concert, and ‘Synchronians’ – the dance competition, ‘Big Stink’ – The Indian Street Play King, and ‘Couture’ – The Fashion Show, we have got 19 events to grab you, and a variety of online events. April 7-9, IIT Mandi.

Website : http://exodia.in/

દિવાળી/દિવાલી/દિપાવલી…

દિવાળીની અને નવા વર્ષની શુભેચ્છા વચ્ચે આવતા વર્ષોમાં કામ લાગે એવું ચપટીક જ્ઞાન.

૧૨- વાઘ-બારસ નહિ પણ વાકબારસ. વાઘ Happy-Diwali-Peace-and-Prosperity.gifનહીં, વાક. યાને વાણી એટ્લે વાગ્દેવી સરસ્વતીની પૂજા.

૧૩-ધન્વંતરી પૂજનનો દિવસ છે. આયુર્વેદના અધિષ્ઠાતા ધન્વંતરી ભારતીય વારસાની અગત્યની એવી કથા સમુદ્રમંથનમાં, લક્ષ્મીની જેમ જ ધન્વંતરી પ્રગટ થયેલા અમૃતકુંભ હાથમાં લઇને. માટે આ પ્રતીક છે, આરોગ્યનું.

બસ એટલું જ.

હેપી દિવાલી અને નુતન વર્ષ અભિનંદન.

 

3rd EC Viva (2016)

3rd EC viva.jpg

किस्सा एक शाम का… 

मै और ब्रुनो(my dog) अभी रात्रिभोजन के बाद थोडा चलने के लिये निक्ले थे . मैने आगे देखा कि फुटपाथ पर आठ-दस लडके ईकठ्ठा होकर खडे थे. मै जैसे ही पास पहुची तो मुजे उन लोगो कि बाते सुनाई दी… मैने सुना और मे आगे बढ गई पर फिर मुजे मन हुआ कि मै उन लडको को कुछ सुनाऊ . मैने यु टर्न लिया. उन लडको के पास गई और बोली..’ऍक़स क्युझ मी.. आई एम सोरी मै आपको डिस्टर्ब कर रही हु लेकिन मैने सुना उस पर से लगा की आप भारतीय बंधारण(Indian Consitution) के बारे मे बात कर रहे हो. आजकल लडको का ग्रुप खडा हो तो लडकी या गाली की बाते ज्यादातर होती है पर आप लोग कितनी शान्ति से यहा ज्ञान बांट रहे हो! सीधी बात है आप सभी स्पर्धात्मक परिक्षा की तैयारी कर रहे होगे ! ”

”जी,हा…कही बैठने की जगह नही मिली तो यहा फुटपाथ पर बैठ गये”- एक ने हसकर जवाब दिया…

”मेरी आप सब को शुभकामना की ये परिक्षा मे आप सभी इतनी मेहनत कर शको की आप सभी उतीर्ण हो जाओ और आप सब को अच्छी नौकरी लग जाये ! ”

इतना कहकर मै और ब्रुनो चल दिये… उन लडको के चहेरे खील उठे थे….

आज के युवाओ को सिर्फ दिशा चाहिये… जब भी मै युवाधन को टाईमपास करते देखती हु तो उनके लिये मुजे बडा अफसोस होता है… बहुत ही कम युवाओ के पास दिशा है… अगर बेन्क मे हि जाना है,कलर्क ही बनना है या आई.एईस. या फिर केट से एम.बी.ए. ही करनी है तो साला एन्जिनियरिग और पेरामेडिकलमे लाखो कि फिझ खराब क्यु करते हो… बाप के पास पैसो का पेड है कया?? पर मैने बताया ना…दिशा नही ये ये युवाओ के पास… जब हम कोलेज मे थे तो हमारे पास भी ना थी ये दिशा…. पर सब भाग्यवान थोडे ही होते है हमारे जैसे जो पढाई खत्म होते ह नौकरी की परिक्षा के प्रथम प्रयासमे ही उतीर्ण हो जाये और जोब लग जाये…

सायन्स करो-आर्टस करो-कोमर्स करो… सब एक ही खेत के मुले है… स्कुल मे पढते थे तब सोचते थे की आर्टस वो लेता है जिसको दिमाग कम है, सायन्स लेने वाला तो आईन्सटाईन ही होता है. पर ईतने साल बाद जब खुद शिक्षक बने तो पता चला की… आर्टस हो या सायन्स हो… अगर दिल लग जाये तो सब एक ही है…और सभी ब्रान्च मे धन और मान मीलता है.. किसी भी व्यकति-वस्तु या विषय को सिर्फ उसके नाम या पहचान से ही मुल्य करता हो एसे इन्सान से ज्यादा बदतमीज और बदनसीब और कोई नही है…

और हा…. जिन लोगोने पोस्ट पढते वकत ये अनुमान लगाया हो की वो लडकोने मुजे छेडने की बात करी होगी इसलिये मे वापस गई होगी उन लोगो को फेसबुक का शुक्रिया करना चाहिये… क्युकि वो लोग एक हि चश्मे से देख शकते है की…” भाई..बहोत सारे लडके एक साथ हो तो वो लडकी को छेडते ही है”…ये लोग चंद सेकन्ड मे भुल गये की मेरे पास मेरा कुत्ता Bruno था… काश…फेसबुक वर्च्युअल ना होता… तो अनाबसनाब अनुमान करने वाले, कमेन्ट मे बीना कोई वजह या अकारण जगडा कर देने वाले, एव घटिया पोस्ट करने वालो के पीछे ब्रुनो को छोड देने मे कितना मजा आता…. 

ये पोस्ट पढने के लिये धन्यवाद..ये पोस्ट अच्छी लगे तो क्रिपया शेय़र करे..क्या पता ये पढकर किसीका कुछ भला हो जाये… किसि का मुस्कुराना भी तो भलाई का ही एक प्रकार है ..-

-नीकीता परमार -गांधीनगर गुजरात

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